http और https क्या है ?
HTTP (Hypertext Transfer Protocol) और HTTPS (Hypertext Transfer Protocol Secure) दोनों इंटरनेट पर डेटा को ट्रांसफर करने के लिए उपयोग होने वाले प्रोटोकॉल हैं। ये प्रोटोकॉल वेब ब्राउज़र और वेब सर्वर के बीच संचार को सुनिश्चित करते हैं। ये दोनों प्रोटोकॉल आमतौर पर यूआरएल (URL) के रूप में लिंक बनाने के लिए भी उपयोग होते हैं।
HTTP (Hypertext Transfer Protocol):
HTTP एक प्रमुख प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग वेब ब्राउज़र और वेब सर्वर के बीच डेटा के ट्रांसफर के लिए होता है। ये डेटा प्लेनटेक्स्ट (plain text) के रूप में ट्रांसफर करता है, जिसका मतलब है कि डेटा खुलेआम पढ़ा जा सकता है। HTTP अन्य नेटवर्क प्रोटोकॉलों के साथ संगत है और यह TCP/IP (Transmission Control Protocol/Internet Protocol) पर आधारित है। HTTP का मुख्य उद्देश्य वेब पृष्ठों को लोड करना, इंटरनेट संसाधनों के लिए अनुरोध करना और डेटा को वेब सर्वर से वेब ब्राउज़र में प्राप्त करना है।
TCP/IP (Transmission Control Protocol/Internet Protocol) एक नेटवर्क प्रोटोकॉल सुइट है जो इंटरनेट पर डेटा के प्रभावी ट्रांसमिशन को सुनिश्चित करने के लिए उपयोग होता है। यह प्रोटोकॉल सुइट कंप्यूटर नेटवर्क्स के लिए भी प्रयोग किया जाता है। TCP/IP संचार के लिए एक अनुक्रमिक प्रोटोकॉल सेट है, जिसमें प्रत्येक प्रोटोकॉल अपने निर्दिष्ट कार्यों को पूरा करने के लिए डेटा पैकेट्स के साथ संचार करता है।
TCP (Transmission Control Protocol) डेटा के निरंतर और विश्वसनीय ट्रांसमिशन की सुनिश्चित करता है। यह सेगमेंट्स में डेटा को टुकड़ों में विभाजित करता है, और प्रत्येक सेगमेंट के लिए प्राप्ति की पुष्टि करता है, ताकि डेटा की गुणवत्ता और पूर्णता सुनिश्चित हो सके। TCP नेटवर्क कनेक्शन को स्थापित, बनाए रखने और समाप्त करने में भी मदद करता है।
IP (Internet Protocol) डेटा पैकेट्स के संचार को संचालित करता है और नेटवर्क में प्रत्येक पैकेट को एक यूनिक आईपी (IP) पता देता है। यह प्रोटोकॉल नेटवर्क लेयर पर काम करता है और डेटा के सही गंतव्य पते तक पहुंचने में मदद करता है। IP भी राउटिंग, फ़्रेगमेंटेशन, और एक डेटा पैकेट को दूसरे नेटवर्क पर ट्रांसफर करने के लिए हेडर और पुरज़े का निर्माण करने का कार्य करता है।
TCP/IP प्रोटोकॉल सुइट इंटरनेट के लिए महत्वपूर्ण है और यह विभिन्न कंप्यूटर और नेटवर्क उपकरणों के बीच संचार को संभव बनाता है। यह सुनिश्चित करता है कि डेटा पैकेट्स सही ढंग से पहुंचते हैं और इंटरनेट पर सुरक्षित रूप से ट्रांसमिट होते हैं।
HTTPS (Hypertext Transfer Protocol Secure):
HTTPS एक सुरक्षित संस्करण का HTTP है जिसमें डेटा को एक्रिप्ट किया जाता है, जिससे इंटरनेट पर डेटा के सुरक्षित ट्रांसफर की जा सकती है। HTTPS का उपयोग सामान्यतः ऑनलाइन व्यापार और अन्य संबंधित वेबसाइटों में किया जाता है, जहां संदेशों, खाता जानकारी, और अन्य गोपनीयता संबंधी डेटा को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण होता है। HTTPS इंटरनेट सुरक्षा के लिए एक एनक्रिप्शन प्रोटोकॉल का उपयोग करता है, जिसमें SSL (Secure Sockets Layer) या उसका उत्पाद SSL के स्थान पर TLS (Transport Layer Security) शामिल होता है। ये प्रोटोकॉल डेटा को एक्रिप्ट करते हैं, जिससे केवल प्राप्तकर्ता संदेशों को पढ़ सकता है और किसी दूसरे को डेटा का इंटरसेप्ट नहीं कर सकता है। HTTPS के लिए एक सर्टिफिकेट भी आवश्यक होता है जो साइट की पहचान और सत्यापन करता है।
इस तरह, HTTPS डेटा को सुरक्षित रखता है और गोपनीयता की सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि HTTP डेटा को साधारण रूप से ट्रांसफर करता है जिसका मतलब है कि ये डेटा खुलेआम पढ़ा जा सकता है।
SSL (Secure Sockets Layer) एक सुरक्षा प्रोटोकॉल है जो इंटरनेट पर सुरक्षित डेटा ट्रांसमिशन को सुनिश्चित करने के लिए उपयोग होता है। SSL को आधिकारिक रूप से TLS (Transport Layer Security) के रूप में जाना जाता है, और ये वेबसाइटों, इलेक्ट्रॉनिक मेल, वीडियो कॉल, ऑनलाइन बैंकिंग, और अन्य डेटा ट्रांसमिशन में प्रयोग किया जाता है।
SSL/TLS एक क्रिप्टोग्राफिक प्रोटोकॉल है, जिसका उपयोग डेटा को एन्क्रिप्ट करने और डेटा की सत्यापन करने के लिए किया जाता है। जब एक उपयोगकर्ता एक SSL/TLS संरचना का उपयोग करके एक सुरक्षित वेबसाइट को एक्सेस करता है, तो वेब ब्राउज़र और सर्वर के बीच एक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड कनेक्शन स्थापित होता है। यह कनेक्शन उपयोगकर्ता के डेटा को असुरक्षित बनाने वाली किसी भी अवैध गतिविधि से सुरक्षित रखता है।
SSL/TLS का उपयोग करने से पहले, एक सर्टिफिकेट को साइट के लिए प्राप्त किया जाता है। यह सर्टिफिकेट साइट की पहचान को सत्यापित करता है और दूसरे पक्ष को बताता है कि संचार SSL/TLS के माध्यम से सुरक्षित हो रहा है। सर्टिफिकेट एक कुंजी पेयर (key pair) के रूप में जाना जाता है, जिसमें एक पब्लिक कुंजी और एक प्राइवेट कुंजी होती है। इस प्राइवेट कुंजी का उपयोग डेटा की एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन में किया जाता है, जबकि पब्लिक कुंजी का उपयोग डेटा की सत्यापन के लिए किया जाता है।
SSL/TLS के उपयोग से डेटा को सुरक्षित रूप से ट्रांसमिट किया जा सकता है, जिससे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या बाधाओं से डेटा का इंटरसेप्ट नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, SSL/TLS प्रोटोकॉल साइट की पहचान को सत्यापित करता है और उपयोगकर्ताओं को विश्वसनीयता प्रदान करता है कि वे सुरक्षित संबंधों के साथ संचार कर रहे हैं।
HTTP (Hypertext Transfer Protocol) और HTTPS (Hypertext Transfer Protocol Secure) के लाभ और हानि निम्नांकित रूप में हैं:
HTTP के लाभ:
सरलता: HTTP सर्वर और क्लाइंट के बीच डेटा को सरलता से ट्रांसमिट करता है।
प्रदर्शन: HTTP के उपयोग से वेब पृष्ठों को तेजी से लोड किया जा सकता है।
पुराने सिस्टम के साथ संगत: HTTP कई पुराने और अद्यतित वेब ब्राउज़र और सर्वर प्लेटफ़ॉर्म के साथ संगत है।
प्रोग्रामिंग भाषाओं का समर्थन: HTTP सभी प्रमुख प्रोग्रामिंग भाषाओं और डेवलपमेंट प्लेटफ़ॉर्म का समर्थन करता है।
सर्वर लोड: HTTP ट्रांसपोर्ट को कम लोड पर रखता है और सर्वर संसाधनों की कम संख्या की आवश्यकता होती है।
HTTP के हानि:
सुरक्षा कमजोरी: HTTP डेटा को खुले रूप में ट्रांसमिट करता है, इसलिए जो कोई भी डेटा के साथ संचार कर रहा है, उसे डेटा को पढ़ने में सक्षम हो सकता है।
गोपनीयता की कमजोरी: HTTP नहीं देख पाता कि किसी दूसरे को पहुंच कितना सुरक्षित है और डेटा पर कोई अवैध पहुंच नहीं हो रही है।
प्राथमिकता: HTTP गंतव्य और संचार में समय की प्राथमिकता नहीं रखता है, इसलिए बाधाओं की उत्पत्ति हो सकती है जब कंटेंट देखने में देरी हो सकती है।
HTTPS के लाभ:
सुरक्षा: HTTPS डेटा को एन्क्रिप्ट करता है जिससे कि कोई अनधिकृत व्यक्ति डेटा को पढ़ने में सक्षम नहीं होता है।
गोपनीयता: HTTPS नेटवर्क कनेक्शन की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, जिससे डेटा की गोपनीयता सुरक्षित रहती है।
प्रतिस्थापित करता है: HTTPS वेबसाइट प्रतिष्ठितता और उपयोगकर्ता विश्वास को बढ़ाता है, क्योंकि उपयोगकर्ता को पता चलता है कि सुरक्षित संचार हो रही है।
SEO लाभ: Google और अन्य खोज इंजन्स HTTPS को वेबसाइट पैंग करने में प्राथमिकता देते हैं, जिससे आपकी वेबसाइट की खोज रैंकिंग में फायदा हो सकता है।
HTTPS के हानि:
प्रदर्शन: HTTPS के उपयोग से पेज लोडिंग का समय थोड़ा अधिक हो सकता है, क्योंकि डेटा एन्क्रिप्ट करने और सत्यापन की प्रक्रिया होती है।
संसाधनों की खपत: HTTPS के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो सकती है, जैसे कि सर्टिफिकेट और क्रिप्टोग्राफिक प्रसंस्करण के लिए।
क्लाइंट सर्टिफिकेट: विशेष प्रयोगकर्ता यदि कोई स्व-प्रमाणित सर्टिफिकेट का उपयोग कर रहा हो तो HTTPS संचार स्थापित करने में कठिनाई हो सकती है।
यह ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान में अधिकांश वेबसाइटें HTTPS का उपयोग कर रही हैं ताकि उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा की गारंटी मिल सके।

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